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Showing posts from May, 2022

आदिवासी

आदिवासी विवरण मूलनिवासी किसी भी देश, क्षेत्र में रह रहे वो लोग जो बहुत पहले से या उनके पूर्वज वहां पर रहकर अपना जीवन यापन करते आये हो वहां के मूलनिवासी कहलाते है। ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी के जिस हिस्से पर जो पहले से रहता आया है वो उस जगह का मूलनिवासी कहलाता है।

राजा बलि राज 🤴 आदि क्षत्रिय कश्यप कुल

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" महाराजा बालि निषाद " ऐसे हुई बलि की उत्पत्ति :कश्यप ऋषि की पत्नी दिति के दो प्रमुख पुत्र हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष थे। हिरण्यकश्यप के 4 पुत्र थे- अनुहल्लाद, हल्लाद, भक्त प्रह्लाद और संहल्लाद। प्रह्लाद के कुल में विरोचन के पुत्र राजा बलि का जन्म हुआ। भारत के मूलनिवासी असुरों एवं आर्यों के बीच का झगड़ा सिर्फ अतीत की बात नहीं है। यह वर्तमान का भी अहम हिस्सा है। असुरों (या मूलनिवासियो) और आर्यों द्वारा शत्रुता की यादों को मौखिक एवं लिखित दोनों रूपों में जिन्दा रखा गया है। यह नस्ल संबंधी कलह थी जो आज जाति व्यवस्था के रूप में मौजूद है। सामान्य तौर पर नस्लों का संघर्ष साथ-साथ चलता है और समतावादी या एक प्रकार के समरूप समाज का निर्माण करता है। किन्तु ऐसा भारत में नहीं हुआ।   बलीराजा की बहुजनी छवि असुरों की परम्परा सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी है। ऋग्वेद का वामन-बली प्रकरण संकेत करता है कि असुर पूर्व-वैदिक लोग थे। ऐसा प्रतीत होता है कि बली इतने पराक्रमी राजा थे कि आर्य उसकी महानता को भुला नहीं पाए और अपने सभी धर्मग्रन्थों जैसे वेदों, रामायाण, महाभारत, पुराणों यहां तक कि आधुनिक ब्राह्मणवा...

नायक NAYAKA निषाद कश्यप

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पौराणिक रूप से जो नाग, निषाद, यक्ष प्रजाति के लोग हैं, उस प्रजाति से यह जाति आती है और ऑस्ट्रेलाइट प्रजाति की अन्य जातियां भील, गरासिया, कोल में से एक नायक जाति भी है। इन सारी जातियों को भारत सरकार की अनुसूची में एसटी के अंतर्गत दर्ज किया गया है। नायक समाज के लोगों की संस्कृति, रीति-रिवाज, पहनावा, परिधान सब कुछ एसटी के अनुरूप है।1871 के क्रिमिनल जनजातियों के एक्ट में भी इस जाति को क्रिमिनल जनजाति मानते हुए उसके अधीन रखा गया था।

अखरी स्टेट मेंट 🌅🤴

मजबूर नहीं करुंगा अब आप को बात करने को  🤴🌅 चाहत आप को भी होगी तो दिल आप का भी करेगा ❤️🛣️