मछुआ ,मांझी निषाद , समाज का इतिहास जिसका कोई इतिहास नहीं उसका भी कोई भविष्य नहीं होता हैं प्रत्येक व्यक्ति , समाज , जाति , राष्ट्र का अपना इतिहास होता हें बिना इतिहास के कोई भी समाज आगे नहीं बढ सकता . इतिहास ही हमे बतायेगा कि हम आज भी क्यों पिछड़े हैं जिसका कोई इतिहास नहीं उसका भी कोई भविष्य नहीं होता हैं . हमारा समाज , कश्यप , बिन्द , मल्लाह , केवट , मछुआ , मांझी निषाद , नाविक , रैकवार , गोड़ v मेहरा इत्यादि सेकड़ो उपजातियो में बटा है . ऐसा क्या कारण है कि सैकड़ो उपजातियों में बटा समाज सैकड़ों संगठन और अनेक पार्टियों में भी बटा हुआ है . इसका मुख्य कारण क्या है ? कश्यप , बिन्द , मल्लाह , केवट , मछुआ , मांझी निषाद , नाविक , रैकवार , गोड़ v मेहरा समाज के लोगों से बात करने पर मेरी समझ में यही आया है कि हमारा समाज , कश्यप , बिन्द , मल्लाह , केवट , मछुआ , मांझी ...