जरासंध महाभारत कालीन मगध राज्य का नरेश था। वह बहुत ही शक्तिशाली राजा था और उसका सपना चक्रवती सम्राट बनने का था। यद्यपि वह एक शक्तिशाली राजा तो था, लेकिन वह था बहुत क्रूर। अजेय हो क अपना सपना पूरा करने के लिए उसने बहुत से राजाओं को अपने कारागार में बंदी बनाकर रखा था। वह मथुरा के यदुवँशी नरेश कंस का ससुर एवं परम मित्र था उसकी दोनो पुत्रियो आसित एव्म प्रापित का विवाह कंस से हुआ था। श्रीकृष्ण से कंस वध का प्रतिशोध लेने के लिए उसने १७ बार मथुरा पर चढ़ाई की लेकिन हर बार उसे असफल होना पड़ा। जरासंध श्री कृष्ण का परम शत्रु और एक योद्धा था। . 27 संबंधों: चंद्रवंशी समाज, चीर हरण, द्रौपदी, नकुल, बिहार के महत्वपूर्ण लोगों की सूची, बृहद्रथ, भूमिहार, भीष्मक, मल्ल (कुलनाम), मल्लयुद्ध, महाभारत (२०१३ धारावाहिक), महाभारत में विभिन्न अवतार, राजगीर, शाल्व, शिशुपालवध, सभापर्व, सहदेव, मगध नरेश, स्यमंतक मणि, हिन्दी पुस्तकों की सूची/त, हिन्दी पुस्तकों की सूची/प, वाराणसी का इतिहास, गदा, गोनन्द, कर्ण, काशी का इतिहास, कंस, अखाड़ा।चंद्रवंशी समाजचंद्रवंशी समाज भारतवर्ष के प्राचीनतम क्षत्रिय समाजों में से एक है। वर्तमान समय में कर्म संबोधन यह कहार जाति के रूप में जानी जाती है। यह भारत के विभिन्न प्रांतों में विभिन्न नामों से पायी जाती है। .

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