अनुसूचित जनजाति में शामिल होने से मिलेगा लाभ

गोंड धुरिया नायक ओझा पथरी और गोंड समुदायों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव लोक सभा में पारित होने पर गोंड समाज के लोगों ने खुशी जाहिर की है। जासं, बस्ती : उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर, कुशीनगर, चंदौली और संत रविदास नगर जिलों में रहने वाले गोंड, धुरिया, नायक, ओझा, पथरी और गोंड समुदायों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव लोक सभा में पारित होने पर गोंड समाज के लोगों ने खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि अब उन्हें नौकरी, रोजगार आदि मिलने में आसानी होगी।

गोंड महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष काशी प्रसाद गोंड ने बताया कि 1977 में समाज के लोगों ने खुद को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की थी। 1990 में उन्हें अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र भी जारी हुआ, मगर समाज के अन्य लोगों को बस्ती में शासन और डीएम के निर्देश के बाद भी महज 10-12 लोगों को ही अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी किया गया। इससे उनके समाज को बस्ती में वह लाभ नहीं मिल सका जिसके वे हकदार थे। फौव्वारा तिराहे पर टी स्टाल लगाने वाले राजेश कुमार गौड़ ने बताया कि बस्ती में लेखपालों ने उनके समाज के अधिकांश लोगों का यह कहकर अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं होने दिया कि वे गोंड नहीं गौड़ (कहार) हैं। अब जब उन्हें जनजाति में शामिल कर लिया गया है तो नए सिरे से जाति प्रमाणपत्र बनेगा और उन्हें लाभ भी मिलेगा। जनजाति की संख्या कम होने के कारण आरक्षण का कोटा भी नहीं पूरा हो पता है, अब यह पूरा हो सकेगा। आवास विकास कालोनी निवासी रुपेश गोंड व राधेश्याम गोंड ने बताया कि वह धुरिया ( गोंड) समाज के हैं। सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति में शामिल कर उनके समाज की दशा व दिशा सुधारने में एक बेहतरीन पहल की है।

Comments

Popular posts from this blog

रामधारी सिंह 'दिनकर'- जब नारी किसी नर से कहे, प्रिय! तुम्हें मैं प्यार करती हूँ

गौड़ क्षत्रिय राजवंश : संक्षिप्त परिचय

हिरण्यकश्यप के बारे में संपूर्ण जानकारी: पूर्व जन्म से लेकर अगले जन्म तक